Brahma Kumaris Celebrate Rakhi Festival with Chief Minister of Madhya Pradesh

हर बातों से हो निर्बंधन, परमात्मा से जोड़ों मन के तार,
 आओ मनाये ऐसे सब मिलकर, रक्षाबंधन
परमपिता परमात्मा शिव के प्यारे  ब्रह्मा बाबा के  ,  मम्मा बाबा के दुलारे सर्व गुणों से सदा रहते श्रृंगारे ऐसे आति स्नेही श्रेष्ठ आत्माओं को पावन रक्षाबंधन की शुभ बधाइयां


भारतीय संस्कृति त्योहारों का समुंदर, हरेक बूंद का रंग निराला, जितना समाओ इसके अंदर  यहां एक अनोखा पवित्र बंधन है, जो सर्व बंधनों से मुक्ति दिलाता है | आज मानव अनेक बंधनों जैसे शरीर के बंधन , कर्म के बंधन , सामाजिक रीति रिवाज के बंधन व पाप कर्मों के बंधनों में बंद जाने से शाश्वत सुख, शांति , आनंद की अनुभूति नहीं कर पा रहा है|  वर्तमान समय स्वयं परमात्मा शिव द्वारा प्रदान किए जा रहे हैं श्रेष्ठ ज्ञान व योग से सर्व बंधनों से मुक्त करने, श्रेष्ठ पवित्रता के बंधनों में बांधने का यादगार पर्व वह यहां रक्षा बंधन है| इस पावन पर्व के दिन पवित्रता का प्रतीक राखी दृढ़ता के धागे से बांध अपने को बंधनों से मुक्त कर जीवन को शांति व शक्ति से भरपूर कर सकते हैं अपने दिल का संबंध परमात्मा पिता से जोड़ कर सर्वस बंधनों से मुक्त बन जीवन में सच्ची सुख — शांति का अनुभव कर सकते हैं इस पर्व पर बहन , भाई के मस्तक पर चंदन का तिलक लगाती है जो शुद्ध , शीतल और सुगंधित जीवन जीने की प्रेरणा देता है| फिर राखी हाथ पर बांधी जाती है यह विधि हमें यह प्रेरणा देती है कि हम सदा सकारात्मक चिंतन करते हुए श्रेष्ठ कर्म  ही करें जिससे आत्मा अनिष्ट परिणामों से, दुखी व अशांत होने से सुरक्षित रहेगी | मिठाई खिलाने के पीछे भी मन को और संबंधों को मीठा बनाने का राज़ भरा है इन्हीं शुभ भावनाओं के मोतियों से भरी, दिल के स्नेह के धागों में पिरोई हुई राखी, आप सब को बांध रही हु |